समाचार प्रभात
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- चीन के प्रधानमंत्री ली खुछियांग ने कहा भारत और चीन स्वाभाविक सहयोगी दोनों देशों के बीच व्यापार और कारोबारी रिश्ते मजबूत करने की जरूरत।
- भारत का अफगानिस्तान को परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के दौर में सभी तरह की मदद देने का आश्वासन।
- उच्चतम न्यायालय ने बी सी सी आई से कहा कि वह आईपीएल की गरिमा बनाए रखने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
- कृषि और गृह मंत्रालय में भी सूचना अधिकार कानून के तहत आवेदन इलैक्ट्रानिक रूप से जमा करने की सुविधा।
- अरूणिमा सिन्हा मॉउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय विकलांग खिलाड़ी।
- मुंबई इंडियंस को हराकर चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल ट्वेंटी-२० क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में।
सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की श्रेष्ठता की सराहना करते हुए श्री ली ने कहा कि भारतीय उत्पादों की चीन में मांग है। टी सी एस का उदाहरण देते श्री ली ने कहा कि इस कंपनी ने चीन के बहुत से बैेंकों में कुशल कामकाज के लिये जरूरी सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया है।
श्री ली ने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे से, वृद्धि को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे दो बड़े विकासशील देश यदि मिलकर काम करेंगे तो चमत्कारिक उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
श्री ली ने आशा व्यक्त की कि उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच संचार सुगम होगा तथा सरकार और कंपनियों, दोनों के स्तर पर सहयोग बढ़ेगा, जो भागीदारी करेंगे और साझा उपक्रम लगाना चाहती हैं।
श्री ली खुछियांग के साथ इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोन्टेक सिंह अहलुवालिया ने चीन के प्रधानमंत्री की तीन दिन की भारत यात्रा को रचनात्मक और उपयोगी बताया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के कुशल इस्तेमाल, रेलवे विकास, नवी और नवीकरणीय ऊर्जा, शहरीकरण तथा जल प्रबंधन सहित कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। एक रिपोर्ट
भारतीय उद्यमों के साथ गतिशील व्यापारिक संबंध बढ़ाने की इच्छा चीन के प्रधानमंत्री ली खुछियांग ने जतायी। मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुखों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया। भारतीय उद्योगपतियों को चीन के व्यापारिक निवेश करने का आमत्रंण देते हुए उन्होंने बताया कि चीन दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध बढ़ाने के लिए हर प्रकार से सहयोग करेगा। कल चीन के प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान से भी मुलाकात की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने चीनी कंपनियों को महाराष्ट्र में बुनियादी उद्योग क्षेत्र का तथा औषध निर्माण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में निवेश करने का आमंत्रण दिया। निविदिता के साथ देवोप्रिय भट्टाचार्य जी आकाशवाणी समाचार मुंबई।
बाद में श्री करजई ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर चर्चा की।
मध्य एशिया का दिल कहे जाने वाले उज्बेकिस्तान और भारत की सबसे बड़ी चिंता एक ही है और वो है आतंकवाद। दहशतगर्दी की जड़ माने जाने वाला पाकिस्तान, अगर हमारा पड़ोसी है तो उज्बेकिस्तान की सीमा अफगानिस्तान से मिलती है। समस्या यह है कि अगले बरस अमरीका अपनी फौजे अफगानिस्तान से वापस बुला लेगा जब वहां क्या दृश्य उभरेंगे उससे निपटने की तैयारी अभी से करनी होगी और खासतौर से जब इस्लामिक मुवमेंट आफ तुर्कीस्ताान और हिजबे तहरीक इस क्षेत्र में ठिकाना बना चुके हों। आकाशवाणी समाचार के लिए ताशकंद से मोहम्मद नसीम।
श्री अंसारी, उज्बेकिस्तान के विदेश, आर्थिक मामले, निवेश और व्यापार मंत्री ई+ गनियेव के साथ बैठक के दौरान व्यापार और आपसी संबंधों पर भी चर्चा करेंगे। श्री अंसारी के साथ पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन और चार सांसद भी गये हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और यूपीए के घटक दलों के नेता तथा अन्य राजनीतिक दलों के नेता आज रात्रि भोज में हिस्सा लेंगे, जिसमें डॉ. सिंह यूपीए-२ सरकार की चौथी वर्षगाठ की अवसर पर रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे।
इस बीच सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि यूपीए सरकार के पिछले नौ वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं-
किसी सरकार जो मूल्यांकन है वो पांच बिन्दुओं पर होता है। सबसे पहली राजनीतिक स्थिरता, दूसरा साम्प्रदायिक सद्भाव, तीसरा आतंरिक सुरक्षा, चौथा आर्थिक विकास और पांचवां अन्तर्राष्ट्रीय रिश्ते और अगर आप इन पांचों मापदंडों पर यूपीए सरकार का मूल्यांकन करो तो पिछले नौ वर्ष में देश मजबूत हुआ है और जहां पर जरूरत पड़ी है सरकार ने कांग्रेस पार्टी ने कार्रवाई भी की है।
एक राष्ट्रीय स्तर पर कानून लाना जरूरी है। उसका ढांचा क्या हो, उसको कौन पायलट करे, कैसे पायलट करे वो हम अटर्नी जनरल की राय लेकर ही आगे बढ़ेंगे और खेल मंत्री हमारे साथ हैं। उनकी भी राय यह है कि यह एक बहुत चिंताजनक मामला है और इस संबंध में हमारी सरकार को एक ठोस कदम लेना चाहिए।
उधर, खेल और युवा मामलों के मंत्री जितिन प्रसाद ने भी कहा कि इस मामले में सख्त कानून की जरूरत है।
एक लॉ आना चाहिए जिस तरह की जो घटना अभी देखी गई है इसके ऊपर कड़े से कड़ा एक्शन लेना चाहिए। हम दोनों मंत्रालय स्पोटर्स मिनिस्ट्री और लॉ मिनिस्ट्री दोनों साथ में काम करके और बहुत जल्दी ही कुछ लॉ लाने का प्रयास करेंगे।
भारत-चीन बोलेंगे तो दुनिया सुनेगी-चीन के प्रधानमंत्री ली खुछियांग का यह कथन उनकी यात्रा से जुड़े अन्य समाचारों के साथ पंजाब केसरी और दूसरे कई अखबारों के पहले पन्ने पर है। अमर उजाला के अनुसार- भारत-चीन सीमा विवाद से भाग नहीं रहे। हरि भूमि ने भारत-चीन संबंधों की नई इबारत का जिक्र किया है।
यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में चार साल पूरे होने पर दैनिक भास्कर की सुर्खी है- अभी चुनौतियां हैं बड़ी। कई अखबारों ने इस कार्यकाल का अपने-अपने ढंग से आकलन किया है।
रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा के आज नए नियंत्रक और महालेखा परीक्षक का पद भार संभालने की खबर हरि भूमि सहित कई अखबारों में है। देशबंधु का कहना है- आर. के. माथुर होंगे अगले रक्षा सचिव।
आईपीएल स्पॉट और मैच फिक्सिंग से जुड़े नए खुलासे अखबारों में छाए हुए हैं। फिक्सिंग की छूत बॉलीवुड तक पहुंची- जनसत्ता की पहली सुर्खी है। पत्र के अनुसार अभी बड़ा धमाका होना बाकी है। बिजनेस भास्कर की सुर्खी है- काली कमाई की दलदल में आईपीएल। नवभारत टाइम्स ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से लिखा है- गेम की गंदी छवि हो साफ। पुणे वॉरियर्स के आईपीएल से नाम वापस लेने की खबर भी अखबारों में है। सहारा ने तोड़ा आईपीएल से नाता-राष्ट्रीय सहारा का कहना है। नई दुनिया की खास खबर के अनुसार-सटोरिए हाईटेक, पुलिस लाठीटेक।
दैनिक भास्कर की खबर है- जेएनयू में जल्द शुरू होंगे अंडरग्रेजुएट कोर्स। स्कूलों में नौवीं कक्षा से व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की सीबीएसई की योजना का जिक्र राष्ट्रीय सहारा ने किया है।
अरुणिमा के हौसले ने एवरेस्ट को किया बौना। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतेह करने वाली पहली विकलांग भारतीय की इस सफलता का जिक्र हिन्दुस्तान सहित कई अखबारों के पहले पन्ने पर है। अमर उजाला लिखता है-अरुणिमा के बुलंद हौसलों के सामने एवरेस्ट ने झुकाया सिर। दैनिक ट्रिब्यून ने सनावर के सात छात्रों की एवरेस्ट फतह को सुर्खी दी है-एवरेस्ट पर भारतीयों की धमाचौकड़ी।
गर्मी के ये रंग देखोगे तो जलन नहीं होगी- नवभारत टाइम्स ने ईरान, ऑस्ट्रेलिया, लीबिया जैसे देशों के कुछ इलाकों में पारा ५५ से ७० डिग्री तक रहने का जिक्र करते हुए देश में गर्मी की तपिश कुछ कम करने की कोशिश की है।







