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समाचार प्रभात

0800 HRS
14.08.2019

मुख्य समाचार

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने कहा- भारत का दूसरा चंद्र मिशन चन्‍द्रयान-दो पृथ्‍वी की कक्षा को छोड़ कर चन्‍द्रमा की ओर बढ़ा। 
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- उनकी सरकार स्‍पष्‍ट नीति और सही दिशा की बदौलत बड़ी उपलब्धियां पाने में सक्षम।
  • 73वें स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद आज राष्‍ट्र को संबोधित करेंगे।
  • जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार श्रीनगर में 12 अक्‍तूबर से वैश्विक निवेशक सम्‍मेलन का आयोजन करेगी।
  • क्रिकेट में, भारत और वेस्‍टइंडीज के बीच तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मैच आज पोर्ट ऑफ स्‍पेन में।    

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भारत के दूसरे चन्‍द्र अभियान, चन्‍द्रयान-दो ने आज तड़के पृथ्‍वी की कक्षा छोड़कर चन्‍द्रमा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने चन्‍द्रयान-दो को चन्‍द्रमा तक पहुंचाने की महत्‍वपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। हमारे संवाददाता ने बताया है कि यह प्रक्रिया आज तड़के दो बजकर 21 मिनट पर पूरी हुई जिसके बाद चन्‍द्रयान-दो चन्‍द्रमा पर उतरने की स्थिति में आ गया है।  

अंतरिक्ष में नए प्रक्षेप पथ में चंद्रयान -2 का प्रवेश इसे चंद्रमा की कक्षा के और पास ले जाएगा। पृथ्वी से चंद्रमा की केंद्रीय कक्षा तक लगभग चार लाख किलोमीटर की दूरी अब केवल सात दिनों में पूरी हो जाएगी। शुरू में पृथ्वी की परिक्रमा करना और फिर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से दूरी बढ़ाना तथा अंत में चंद्रमा तक पहुंचना किफायती तरीका माना जाता है, हालांकि इससे मिशन में थोड़ा अधिक समय लगता है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले चंद्रयान -2 को अंतिम कक्षा में स्‍थापित करने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा इसके एक और महत्वपूर्ण चरण को दर्शाता है। चेन्नई से जयसिंह की रिपोर्ट के साथ निखिल कुमार।

चन्‍द्रयान दो के बीस अगस्‍त को चन्‍द्रमा की कक्षा में पहुंच जाने की सम्‍भावना है। सात सितम्‍बर को यह चन्‍द्रमा के दक्षिणी धु्व्र पर पहुंच जाएगा। एक रिपोर्ट---

भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ा कार्य 1960 के दशक में शुरू हुआ। देश में टोक्‍यो ओलंपिक खेल के सीधे प्रसारण के बाद भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्‍थापक डॉ. विक्रम साराभाई ने देश के विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के महत्व को समझा और इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू किया। कुछ समय बाद 1967 में पहला प्रायोगिक सेटेलाइट, कम्युनिकेशन अर्थस्टेशन अहमदाबाद में शुरू हुआ। कृषि आधारित टी.वी कार्यक्रमों की शुरूआत को लोगों के बीच सराहा गया और इस दिशा में साइट के आगमन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ठीक इसी दौर में भारत का पहला स्पेसक्राफ्ट आर्यभट्ट विकसित किया गया। 1980 के दशक में भास्कर वन और टू की शुरूआत रिमोट सेंसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम था। 1990 के सालों में देश में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित की गई और पीएसएलवी और जीएसएलवी के विकास ने इसे गति दी और अब चन्द्रयान टू के सफर ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई दी है। दिवाकर, आकाशवाणी समाचार, दिल्ली

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार स्‍पष्‍ट नीति और सही दिशा के कारण अपने दूसरे कार्यकाल के कुछ ही समय में कई महत्‍वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्‍त करने में सफल रही है। एक समाचार एजेंसी के साथ विशेष भेंटवार्ता में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्‍पष्‍ट नीति और सही दिशा के सिद्धांत के फलस्‍वरूप पहले कुछ दिनों में ही अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्‍चों की सुरक्षा से लेकर चन्‍द्रयान-दो मिशन तक, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने तक के फैसलों से सरकार ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि वह मजबूत जनादेश के साथ कुछ भी हासिल कर सकती है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने जलशक्ति मंत्रालय का गठन कर वर्तमान समय के सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दे को सुलझाने की दिशा में कार्य प्रारम्‍भ किया है। श्री मोदी ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर पर सरकार के निर्णय का विरोध केवल राजनीतिक घराने, निजी स्‍वार्थों से प्रेरित समूह और आंतक के समर्थक कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों ने अपनी राजनीतिक आस्‍था से उपर उठकर जम्‍मू, कश्‍मीर और लेह को लेकर सरकार के कदम का समर्थन किया है।

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73वें स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर आज राष्‍ट्रपति रामनाथ्‍ कोविंद राष्‍ट्र को संबोधित करेंगे। आकाशवाणी से इस संबोधन का प्रसारण शाम सात बजे से किया जायेगा। इसे एफ एम गोल्‍ड, एफ एम रेनबो, राजधानी, इन्‍द्रप्रस्‍थ चैनल और अन्‍य सभी अतिरिक्‍त मीटरों पर सुना जा सकता है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के यू-ट्यूब चैनल, न्‍यूज़ ऑन ए आई आर ऑफिशियल पर भी उपलब्‍ध रहेगा।

आकाशवाणी, स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन शाम सवा छह बजे से राजधानी, एफ एम रेनबो और एफ एम गोल्‍ड चैनलों पर प्रसारित करेगा।

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जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार श्रीनगर में 12 अक्‍तूबर से वैश्विक निवेशक सम्‍मेलन का आयोजन करेगी। जम्‍मू-कश्‍मीर के औद्योगिक मामलों के प्रधान सचिव नवीन चौधरी ने कल जम्‍मू में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि यह अपनी तरह का पहला निवेशक सम्‍मेलन है जो जम्‍मू-कश्‍मीर को अपनी मजबूत रणनीति और क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देगा। नवीन चौधरी ने कहा कि यह सम्‍मेलन राज्‍य से बाहर के व्‍यापारिक समुदाय के मन में बसे डर और आशंकाओं को दूर करने का भी अवसर देगा।

हमने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में इस वर्ष 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक पहली दफा वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है। इस सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 12 अक्‍टूबर को श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा।

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जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने सभी जिलाधीशों से कहा है कि वे सरपंचों को अपनी-अपनी पंचायत में स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराने के निर्देश दें। अधिकारियों ने बताया कि राज्‍यपाल को सभी जिलों में कराई गई स्‍वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल के बारे में जानकारी दी गई और स्‍वतंत्रता दिवस समारोह के सुचारु संचालन के प्रबंधों के बारे में बताया गया। राजभवन में कल आयोजित बैठक में सत्‍यपाल मलिक ने राज्‍य में सुरक्षा, कानून-व्‍यवस्‍था, मूलभूत सुविधाओं और आवश्‍यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।

राज्‍य सरकार के प्रवक्‍ता रोहित कंसल ने बताया कि पिछले चौबीस घंटों में किसी अप्रिय घटना का कोई समाचार नहीं है। उन्‍होंने बताया कि स्‍थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे है।

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संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्‍यक्ष पोलैंड ने कहा है कि भारत और पाकिस्‍तान को कश्‍मीर मुद्दे का हल मिलकर निकालना चाहिए। पोलैंड के विदेश मंत्री जैसेक जापुतोविज ने न्‍यूयार्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र कार्यालय में संवाददाताओं को बताया कि दोनों देश मिलकर परस्‍पर स्‍वीकार्य समाधान ढूंढ सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर मुद्दे पर पोलैंड, यूरोपीय संघ के रुख से सहमत है।

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सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है। सरकार भारतीय सशस्त्र सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

अनेक चुनौतियों के बावजूद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रखी गई है। सेना द्वारा नियंत्रण रेखा पर और राज्य के भीतरी भागों में दुश्मन के इरादों को नाकाम करने के लिए अनेक अभियान चलाए गए गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी भारत-म्यांमा सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए खुफिया जानकारी आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं।  

इस वर्ष फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

देश के सामने आई चुनौती का सामना हम सबको जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और बाकी सभी मतभेदों को भुला कर करना है, ताकि आतंक के खिलाफ हमारे कदम पहले से कहीं अधिक दृढ़ हो, सशक्त हो और निर्णायक हो। हमारे सशस्त्र बल हमेशा ही अद्वितीय साहस और पराक्रम का परिचय देते आए हैं। शांति की स्थापना के लिए जहां उन्होंने अद्भुत क्षमता दिखाई है। वहीं हमलावरों को भी उन्हीं की भाषा में जवाब देने का काम किया। 

इस बारे में और ब्‍यौरे के साथ हमारे संवाददाता की यह रिपोर्ट  

सरकार, रक्षा बलों के सुदृढ़ीकरण के साथ रक्षा उत्पादन और उपकरणों के स्वदेशीकरण पर जोर दे रही है। रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति को उदार बनाया गया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए प्रवेश बाधाओं को कम कर दिया गया है, जिसके फलस्वरूप रक्षा लाइसेंसों की संख्या 2014 में 215 से बढ़कर 2019 में 440 हो गई है। सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों और आयुध निर्माणी बोर्ड को मजबूत करते हुए रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग निवेश को प्रोत्साहित करने की भी योजना बना रही है। रक्षा उद्योग का उत्पादन 2018-19 में 80,000 करोड़ रुपये मूल्य का था, जिसमें 16,000 करोड़ रुपये का योगदान निजी क्षेत्र से था। स्वाति और सुपर्णा की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से बलबीर सिंह गुलाटी।

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ईंधन की कीमतों में कमी आने से उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्‍फीति‍ में जुलाई माह में मामूली कमी आयी और यह तीन दशमलव एक पांच प्रतिशत रही। इस साल जून में खुदरा मुद्रास्‍फीति तीन दशमलव एक आठ प्रतिशत दर्ज की गई जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह चार दशमलव एक सात प्रतिशत थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय से जारी आंकड़ो में बताया गया है कि उपभोक्‍ता खाद्य मूल्‍य सूचकांक इस साल जुलाई में बढ़कर दो दशमलव तीन छह प्रतिशत रहा जबकि इसी साल जून में यह दो दशमलव दो पांच प्रतिशत था।

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कर्नाटक के 21 जिलों में पानी का स्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है और समूचे राज्य में राहत और बचाव काम पूरे जोरों पर हैं। राज्य और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बलों ने 51 हजार से अधिक मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

इस बीच, मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने कल अपने गृह जिले शिवमोगा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया।

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महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की महामारी रोकने के लिए सर्वेक्षण कराएगी। मुंबई में जारी एक बयान में कल स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बुखार, दस्त और पीलिया जैसी बीमारियों के आधार पर सहायता सर्वेक्षण भी कराये जा रहे हैं। जन स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि 570 चिकित्सा सहायता दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किये गए हैं जो विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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भारत और वेस्‍टइंडीज के बीच तीन एकदिवसीय क्रिकेट मैच श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मैच आज पोर्ट ऑफ स्‍पेन में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे से शुरू होगा। श्रृंखला का पहला मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था जबकि दूसरे मैच में भारतीय टीम ने 59 रन से जीत दर्ज की थी।

आकाशवाणी से मैच का आंखों देखा हाल हिंदी और अंग्रेजी में बारी-बारी से शाम साढ़े छह बजे से प्रसारित किया जाएगा।

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समाचार पत्रों की सुर्खियों से
  • जम्‍मू कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के बाद वहां लगी पाबंदियों को तत्‍काल हटाने से सुप्रीमकोर्ट के इंकार को आज के सभी समाचारपत्रों ने पहली बड़ी खबर बनाया है। राजस्‍थान पत्रिका की सुर्खी है- जम्‍मू में हालात संवेदनशील, सरकार को समय देना जरूरी।

  • राष्‍ट्रीय सहारा ने सेना प्रमुख विपिन रावत के इन शब्‍दों को दिया है- कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा पर सेना दुश्‍मन की किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार।
  • आम्रपाली के फ्लैटों की रजिस्‍ट्री तुरंत शुरू करने संबंधी नोएडा- ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को सुप्रीमकोर्ट की सख्‍त चेतावनी नवभारत टाइम्‍स में है। पत्र ने सुप्रीमकोर्ट के शब्‍दों को दिया है- आम्रपाली पर आदेश मानें अफसर, नहीं तो जेल।

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